
नई दिल्ली (29 मार्च 2020)- देश में चल रहे वर्तमान संकट के दौरान छात्रों की शिक्षा को लेकर एनएसयूआई ने चिंता व्यक्त की है। एक प्रेस रिलीज के मुताबिक नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन यानि NSUI, कोरोना संकट के बीच देश भर के विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों के संबंध में एमएचआरडी को कुछ सुझाव देना चाहता है।
रिलीज के मुताबिक छात्रों के लिए निम्नलिखित 4 बिंदुओ पर ध्यान की बात कही गई है। जिनमें अधिकारियों से मांग की गई है कि वो यह सुनिश्चित करें कि कोरोना की वजह से बंदी होने के कारण छात्र अपने गृहनगर से बाहर हैं, और उन्हें उचित भोजन और स्वच्छता की सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें किराए या किसी भी चीज के बारे में कोई समस्या नहीं है। इसके अलावा अधिकांश कॉलेज ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कर रहे हैं, लेकिन फिर भी ऐसे पाठ्यक्रम हैं जो व्यावहारिक और प्रयोगशाला सीखने पर निर्भर करते हैं, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि परीक्षा शुरू होने से पहले उनका पाठ्यक्रम समाप्त हो गया है।
साथ ही भारत में ज्यादातर छात्र अपने गृहनगर के बाहर रहते हैं, जो दिल्ली जैसे बड़े शहरों में फंसे हुए हैं, उनके पास पहले से ही वित्तीय संकट है बंद के कारण। उनकी फीस माफ कर दी जानी चाहिए क्योंकि इस सेमेस्टर में भी ज्यादातर कक्षाएं निलंबित रहती हैं।
एनएसयूआई का कहना है कि यदि ये तीन बिंदु संभव नहीं हैं, तो हम अकादमिक सत्र को तीन-चार महीने तक विलंबित करने की मांग करते हैं, ताकि छात्रों की पढाई का नुकसान न हो।
इसके अलावा एनएसयूआई का कहना है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की समस्याओं के निपटारे हेतु बहुत जल्द प्रत्येक राज्य के लिए एक हैल्पलाइन नंबर जारी करने का निर्णय लिया है।