
रोहतक (16 जनवरी 2018)- इसे एक बेचारी मां की बदनसीबी ही कहेंगे कि उसके इकलौते 16 वर्षीय बेटे की हत्या की गुत्थी उलझ गई है कि मासूम की हत्या या तो उसके पति ने की या फिर उसके बेटी ने। आज हम बात करते हैं एक ऐसी बदनसीब मां की जिसके बेटे की हत्या में उसके पति और बेटी पर शक किया जा रहा है। यानि इस मां के लिए तो मानों दुनियां में हर तरफ अंधेरा हो गया है। बेटा चला गया और पति और बेटी में कोई एक हत्या के आरोपी है।
जी हां रिश्तों में लगातार बेवफाई लोगों के लिए जानलेवा बनती जा रही है। ऐसा ही एक मामला रोहतक में भी सामने आया है। 16 साल के एक युवक का शव उसके बिस्तर में लहूलुहान मिला तो मानों रिश्तों का ही क़त्ल हो गया। बहन का आरोप है कि उसके पिता ने ही उसके इकलौते भाई की हत्या की है। जबकि पिता को पता ही नहीं था कि जिस कमरे में बैठे हैं उसके बैड में उसके इकलौते बेटे का शव पड़ा है।
हम बात कर रहे हैं रोहतक ज़िले के गांव समर गोपालपुर गांव की जहां एक लड़की ने शनिवार शाम को पानीपत पहुंच कर अपनी मां को फोन किया। लड़की ने अपनी मां को बताया कि उसके भाई की हत्या हो गई है। लड़की के मुताबिक़ भाई की हत्या उसके पिता और साथियों ने कर दी है। जिसके बाद बेचारी उस बदनसीब मां ने पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर फोन करके सुचना दी कि उसके बेटे धर्म उर्फ मोंटी को उसके पिता ने मार डाला है। लेकिन पुलिस टीम जब लड़की के घर पहुंची तो उसके पिता तेजपाल घर के अंदर इत्मीनान से बैठा मिला। जब बेटे की हत्या के बारे में पूछा गया तो उसने हैरानी जताई। पुलिस ने पिता की मौजूदगी में बेड खोला तो अंदर बेटे धर्म उर्फ मोंटी का लहूलुहान शव मिला। उसका गला कटा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने पिता को हिरासत में ले लिया है। लेकिन घटना स्थल से पुलिस चौकी कुछ ही दूरी पर है ऐसे में अपने भाई की हत्या की ख़बर देने से पहले बहन का पानीपत जाना और वहां से घर पर फोन करके बताना पुलिस के लिए शक की वजह बन गया है। और पुलिस इस मामले में बहन को भी फिलहाल क्लीनचिट देने को तैयार नहीं है। लेकिन सवाल यही है कि आख़िर 11वीं क्लास के 16 वर्षीय छात्र धर्म उर्फ़ मोंटी का हत्यारा कौन है।
दरअसल अपना मासूम बेटा गंवाने वाली सुशीला का आरोप है कि उसका पति परिवार का ध्यान नहीं रखता था और पिछले काफी अर्से से वो बच्चों का लालन पालन भी नहीं कर रहा था। सुशीला का कहना है कि वो ख़ुद मेहनत मज़दूरी करके या घरों में झाड़ू पोछा करके अपने बच्चों को पाल रहीं थीं। उधर जांच अधिकारी देवी सिंह का कहना है कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम के बाद क़ाननूी कार्रवाई की जाएगी, और दोषियों को अदालत तक ले जाया जाएगा।
लेकिन रोहतक की इस दर्दनाक घटना ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिये हैं जिनका जवाब ख़ुद समाज को सोचना होगा। सवाल ये है कि क्या छोटे भाई की हत्यारी हो सकती है कोई बहन। इसके अलावा आख़िर पिता ने क्यों मारा इकलौते बेटे को। सवाल ये भी है कि क्या लगातार रिश्ते दाग़दार हो रहे हैं। और रिश्तों में दग़ा के लिए ज़िम्मेदार कौन। इसके अलावा रिश्तों में वफादारी के लिए कब पहल करेगा समाज। और सबसे अहम सवाल यही है कि रिश्तों के क़त्ल के लिए पुलिस के अलावा क्या समाज को भी जागना होगा। बहरहाल रोहतक की इस बदनसीब मां का दिल शायद समाज से यही सवाल पूछा रहा होगा कि तीन तलाक़ पर बहस करने वाले कब ऐसी महिलाओं को इंसाफ दिलाएंगे जिनके साथ वही सब कुछ हो रहा है जिसको शब्दों बता पाना मुश्किल है।