ghaziabad news गाज़ियाबाद(21 मार्च2025)अपनी ही सरकार मे पुलिस के रवैये को लेकर लोनी के बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ़ उत्तर प्रदेश के एक बड़े अधिकारी पर उनकी हत्या की साज़िश रचने का इल्जाम लगाया। इसके साथ ही उन्होंने एलान किया कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ जबतक करवाई नहीं हो जाती तब तक वह राम कलश यात्रा के दौरान पुलिस की बर्बरता की वजह से फटी कमीज पहने कमीज़ नही बदलेंगे और नंगे पैर रहेंगे।
इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए उन्होंनें एक प्रेस वार्ता आयोजित की जिसमें में उन्होंने ने आरोप लगाया कि गुरुवार को कलश यात्रा के दौरान घटी घटना में उनकी हत्या करने की साजिश थी। इसके अलावा उन्होंने पुलिस के उस के दावे को भी गलत बताया उन्होंने रामकलश यात्रा निकालने के लिए अनुमति नहीं ली थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने एसडीएम को भी अनुमति के लिए पत्र लिखा था उसकी कापी को उन्होंने मीडिया के सामने पेश किया।
गौरतलब है कि लोनी में गुरुवार को कलश यात्रा निकाली जा रही थी। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं कलश लेकर चल रही थीं। इस यात्रा के दौरान यात्रा की अनुमति लिये जाने के मामले को लेकर पुलिस और विधायक में विवाद हो गया था। विधायक नंद किशोर गुर्जर के मुताबिक झड़प के दौरान पुलिस ने उनके कपड़े तक फाड़ दिए।
प्रेस वार्ता के दौरान नंदकिशोर गुर्जर ने मीडिया के सामने कहा कि उन्हें पहले ही इस साजिश का अन्दाज़ा हो गया था। उनके मुताबिक लखनऊ बैठे एक उच्च स्तर के अधिकारी ने इसकी योजना तै तैयार की थी। जिसका कारण है कि वह भ्रष्टाचार और गरीबों पर हो रहे अत्याचार का विरोध करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऊपर काला जादू कराया हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक इस घटना के आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती तब तक वह फटे कपड़े और नंगे पैर रहेंगे। इसी वेशभूषा में वह मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष से मिलेंगे और न्याय की मांग करेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार और पुलिस पर भरोसा नहीं है और अब उनका केवल केंद्र सरकार और न्यायपालिका पर ही विश्वास रह गया है। नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि इस समय अपराध लगातार बढ़ रहा है दूसरी तरफ पुलिस अपराधियों को पैसे लेकर छोड़ रही हैं उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में कई ऐसे मामले हैं जिन पर पुलिस ने आरोपियों को छोड़ दिया जबकि उन्होंने फोन किया था मगर उनकी बात नहीं सुनी।