
गाजियाबाद(14 नवंबर 2019)- बड़ घोटाले पर जन प्रतिनिधि और अफसरशाही का टकराव गले की फांस बनता जा रहा है। गाजियाबाद में करोड़ों के टैक्स घोटाले व अन्य कई मामलो को लेकर मेयर आशा शर्मा और नगर आयुक्त दिनेश चंद्र के बीच चल रही रार में अब भाजपा महानगर संगठन भी सक्रिय हो गया है ।
बीजेपी के गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी ने इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट पार्टी हाईकमान के पास भेज दी है। माना जा रहा है आगामी एक सप्ताह के अंदर इस मामले का पटाक्षेप हो जाएगा। उधर मेयर आशा शर्मा ने अपर नगर आयुक्त व सदन सचिव प्रमोद कुमार को एक पत्र भेजकर निगम कार्यकारिणी की बैठकएक सप्ताह के भीतर बुलाने को कहा है। पत्र में उन्होंने ताकीद किया है कि पिछले दिनों बिना ईटेंडरिंग के नगर निगम द्वारा जा जो काम किए गए हैं उनकी सूची भी कार्यकारिणी बैठक में उपलब्ध कराई जाए । मेयर के इस कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और कहा जा रहा है यह कहीं ना कहीं नगर निगम अधिकारियों को घेरने का एक प्रयास है। उधर भाजपा के महानगर अध्यक्ष गोस्वामी ने बताया कि इस विवाद की एक रिपोर्ट भाजपा प्रदेश हाईकमान को भेजी गई है उन्हें लगता है कि अगले एक सप्ताह में इस मामले का पटाक्षेप करा दिया जाएगा। गौरतलब है कि कुछ मुद्दों को लेकर मेयर व नगर आयुक्त के बीच काफी खींचतान चल रही है जिसके चलते शहर का विकास कार्य अवरुद्ध हो गया है साथ.ही नगर निगम छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।भाजपा के कई पार्षद मेयर के विरुद्ध लामबंद हो गए हैं जबकि विरोधी पक्ष का पार्षद इस प्रकरण में चुप्पी साधे हुए हैं । नगर आयुक्त तेज तर्रार अधिकारी माने जाते हैं और उनके कार्यकाल में राजस्व वसूली में अच्छीखासी बढ़ोतरी हुई है । पिछले आठ माह के दौरान 35करोड़ के टैक्स के अलावा रिकॉर्ड जुर्माना वसूला गया है और अरबों रूपये की जमीन भी माफ़िया के कब्जे से खाली कराई गई है।