
लखनऊ (16 नवंबर 2019)- आपने सुना ही होगा कि संय्या भये कोतवाल तो डक कागे का। ये बात लागू होती है अंसल पर। जबकि दिल्ली और नोएडा के कई बिल्डर जिन आरोपों में जेल की सैर कर रहे हैं उसी तरह के आरोपों में लखनऊ के कैंट थाने में एक शिकायत आई। पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कर ली। लेकिन गिरफ्तारी या कार्रावाई के बजाय मामला ठंडे बस्ते में ही पड़ा है।
दरअसल एफआईआर के नाम पर पुलिस कुछ कर पाती उससे पहले ही ऐसा क्या हुआ कि पीड़ित को इंसाफ के बजाय दोबारा इंतज़ार करना पड़ रहा है। उसके लिए जानना होगा कि एक ऑडियो टेप वायरल हो रहा है। जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उसमें सीओ कैंट बीनू सिंह के पास आए एक फोन के दौरान होने वाली बात चीत है। सीओ के पास आने वाला फोन महिला कल्याण मंत्री स्वाति सिंह का बताया जा रहा है।
वायरल ऑडियो में सीओ कैंट बीनू सिंह को स्वाति सिंह अंसल के ख़िलाफ कार्रवाई करने से रोकने की बात कर रही हैं। साथ ही इसके लिए ऊपर से आदेश होने की बात की जा रही है। शुक्रवार को वायरल होने वाले इस आडियो में स्वाति सिंह अंसल ग्रुप के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर सीओ कैंट को फोन पर ही कथित तौर पर धमकी दे रहीं हैं। ऑडियो में स्वाति सिंह सीओ को एफआईआर खत्म करने की हिदायत देती हुई सुनाई दे रही हैं। इतना ही नहीं वायरल ऑडियो में स्वाति सिंह सीओ पर बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की वजह से गुस्से में लग रहीं हैं। ऑडियो में स्वाति सिंह इस मामले की बात आगे तक नहीं जाने और अंसल बिल्डर के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का दबाव बनाती महसूस हो रही हैं। इसके अलावा वो यह कहते भी सुनाई दीं कि ऐसा ऊपर से आदेश है कि कोई एफआईआर अभी नहीं लिखी जाएगी।
मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री ने जांच करने के लिए मामला डीजी ओ.पी सिंह को सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि फिलहाल पुलिस ऑडियो की जांच और उसके वायरल होने की हालात की जांच कर रही है। उधर स्वाति सिंह ने भी मीडिया से दूरी बना ली है। इतना ही नहीं इस मामले पर महिला कल्याण राज्यमंत्री स्वाति सिंह का पक्ष जानने शनिवार को उनके आवास पर पहुंचे मीडिया पर भी स्वाति का पारा चढ़ गया। और स्वाति सिंह के समर्थकों और स्टाफ ने मीडिया से न सिर्फ बदसलूकी की बल्कि धक्का-मुक्की करके बाहर कर दिया।
उधर इस मामले पर कांग्रेस ने योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि योगी सरकार के मंत्री अब कानून के रखवालों को ही धमका रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि घोटालेबाज अंसल बिल्डर को बचाने के लिए मंत्री स्वाति सिंह ने एक सीओ के साथ अभद्रता की है। कुल मिलाकर बिल्डरों के हाथों जीवनभर की कमाई गंवाने वालों की बढ़ती तादाद और बिल्डरों की मानमावी को रोकने के लिए सरकार ने सख़्त क़दम उठाने की बात की थी। साथ थी रेरा जैसे कई और प्रावधान बना कर पीड़ितों को मदद करने की बात की थी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घपलेबाज़ बिल्डरों पर नकेल कसने की बात की थी। और सच्चाई ये भी है फिलहाल कई बड़े बिल्डर या तो फरार हैं या जेल में। ऐसे में उत्तर प्रदेश में एक बिल्डर को बचाने के लिए किसी मंत्री का पुलिस को धमकाने वाला कथित फोन कई सवाल खड़े कर रहा है।