
नई दिल्ली (16 नवंबर 2019)-दशकों से राजनीति का अखाड़ा बना बाबरी मस्जिद और राम जन्म भूमि का विवाद आज भी राजनीति का केंद्र बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई जगहों से सवाल उठने के बाद अब एआईएमआईएम के अध्यक्ष और लोकसभा सासंद असद उद्दीन ओवैसी ने बयान दिया है कि मुझे मेरी मस्जिद वापस चाहिए। ओवैसी ने एक ट्वीट करके ये बात कही है। सुप्रीम कोर्ट को लेकर ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के ही पूर्व चीफ जस्टिस जे.एस वर्मा की बात का हवाला देते हुए कहा कि जस्टिस वर्मा के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ी है और अंतिम है, लेकिन उससे भी गलती हो सकती है। इसके अलावा ओवैसी ने बीजेपी सरकार को आर्थिक मोर्चे के अलावा कई मामलों में सवालों में खड़ा किया है। साथ ही उन्होने आस्था और धार्मिक मामलों पर बीजेरी द्वारा जनता को असल मुद्दों से हटाने का भी आरोप लगाया है।
ओवैसी के बायन के बाद उनके ख़िलाफ बीजेपी के कई वेताओं ने भी मोर्चा खोल दिया है। यहां तक कि मांग उठने लगी है कि ओवैसी भारत छोड़ो। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर भी ओवैसी को लेकर मुहिम छेड़ी जा रही है। जिसमें #ओवैसीभारतछोड़ो जैसे शब्दों को बढ़ावा दिया दा रहा है।
कुल मिलाकर कई दशक तक कई राजनीतिक दलों ख़ासतौर से बीजेपी के लिए सियासी टॉनिक रहा बाबरी मस्जिद राम जन्म भूमि विवाद आज भी सियासी मुद्दा ही बना हुआ है। हालांकि मुस्सिम समाज अपने कथित नेताओं से इसलिए भी नाराज़ है कि वे लोग सामने वाले पक्ष के मुक़ाबले में अपने सबूत और दावे ईमानदारी से पेश नही कर सके।