नई दिल्ली (16 जनवरी 2018)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना
है कि ये ‘संकल्प से सिद्धि’ का समय है। प्रधानमंत्री का मानना है कि हमें अपने लक्ष्यों की पहचान करनी है और देश की आजादी के 75वें साल यानी वर्ष 2022 तक उनकी प्राप्ति के लिए अथक कार्य करने हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को राजस्थान के बाड़मेर की पचपदरा में राजस्थान रिफाइनरी के शुभारंभ के मौक़े पर सार्वजनिक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौक़े पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ ही दिन पहले भारत में मकर संक्रान्ति बड़े उत्साह के साथ मनाई गई है। उन्होंने कहा कि यह त्योहारी सीजन समृद्धि का अग्रदूत है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न तरह के त्योहारों के तत्काल बाद वह एक ऐसी परियोजना के लिए राजस्थान आकर अत्यंत प्रसन्न हैं जो अनगिनत लोगों के जीवन में खुशियां और समृद्धि लाएगी। प्रधानमंत्री ने पूर्व उपराष्ट्रपति एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत के योगदान को भी याद किया और कहा कि उन्होंने राजस्थान के आधुनिकीकरण की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया था। इस मौके पर उन्होंने वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना भी की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे देश में श्री जसवंत सिंह ने उल्लेखनीय योगदान दिया है।
प्रधानमंत्री ने सूखे के हालात का समुचित प्रबंधन करने और कठिन परिस्थितियों से निपटने के लिए आम जनता की भरपूर मदद करने हेतु राज्य सरकार और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार सशस्त्र बलों के लिए ‘वन रैंक, वन पेंशन’ को एक वास्तविकता बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने इसे संभव बनाने के लिए अथक प्रयास किए हैं। प्रधानमंत्री ने ‘जन धन योजना’ का ज़िक्र करते हुए कहा कि गरीबों की पहुंच अब बैंकिंग सेवाओं तक सुनिश्चित हो गई है। उन्होंने रसोई गैस से जुड़ी ‘उज्ज्वला योजना’ के साथ-साथ 18,000 गैर विद्युतीकृत गांवों में बिजली पहुंचाने की दिशा में हुई उल्लेखनीय प्रगति का भी उल्लेख किया।